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आज से ही खानपान सुधारें, तनाव घटाएं और अपने पैंक्रियाज का ध्यान रखें :डॉक्टर मीना अग्रवाल  

सुरेन्द्र दुबे 9425179527 मीना अग्रवाल

नेचुरोपैथी  ने कहा कि

 

जब भी हम शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की बात करते हैं तो पहली चर्चा हर्ट,लिवर,ब्रेन और किडनी की होती है और हम उसी के प्रति एहतियात बरतते हैं जरूरत पड़ने पर जांच भी कराते हैं…

 

लेकिन इसके अलावा भी शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग ऐसा है जो बिना आवाज़ किए हमारी ऊर्जा, पाचन और शुगर तीनों को नियंत्रित करता है।

 

उसका नाम है — पैंक्रियाज (अग्न्याशय)।

 

जब तक यह सही काम करता है, हमें इसकी याद नहीं आती।

लेकिन जैसे ही यह कमजोर पड़ता है, डायबिटीज, पाचन खराब, कमजोरी और सूजन जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।

 

यह हमारे पेट के पीछे स्थित लगभग 6–8 इंच लंबा अंग है, और शरीर में दो बड़ी जिम्मेदारियाँ निभाता है:

 

✅पाचन का मास्टर

 

पैंक्रियास ऐसे एंजाइम बनाता है जो

✔ प्रोटीन तोड़ते हैं

✔ फैट पचाते हैं

✔ कार्बोहाइड्रेट को ऊर्जा में बदलते हैं

 

अगर ये एंजाइम कम बनें तो:

👉 गैस

👉 अपच

👉 दस्त

👉 वजन कम होना

 

✅शुगर कंट्रोल करने का सुपरवाइज़र

 

हमारा पैंक्रियाज दो महत्वपूर्ण हार्मोन बनाता है

 

☑️इंसुलिन जो खून का शुगर कम करता है

 

☑️ग्लूकागन जो शुगर बढ़ाता है

 

शरीर में दोनों का संतुलन होना चाहिए क्योंकि दोनों का संतुलन ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है।

 

पैंक्रियास से जुड़ी गंभीर बीमारियाँ

 

🔹 डायबिटीज 👉 जब इंसुलिन पर्याप्त नहीं बनता

🔹 पैंक्रियाटाइटिज👉सूजन और तेज पेट दर्द

🔹 एंजाइम की कमी 👉 लगातार पाचन समस्या

🔹 पैंक्रियाज कैंसर 👉देर से पकड़ में आने वाली बीमारी

 

ध्यान रखें: पीठ के बीच में दर्द भी पैंक्रियास का संकेत हो सकता है।

 

पैंक्रियास को मजबूत रखने के घरेलू उपचार

 

✔ हल्का, संतुलित भोजन – दाल, सब्ज़ी, मोटा अनाज

✔ तला-भुना और अत्यधिक मीठा कम

✔ रोज 15–20 मिनट धूप

✔ योग – अनुलोम-विलोम, कपालभाति

✔ शराब और धूम्रपान से पूरी दूरी

✔ हल्दी और अदरक का नियमित सेवन

 

 

पैंक्रियाज अर्थात अग्नाशय को“अग्नि” से जोड़ा गया है।

 

जब अग्नि मंद होती है और कफ बढ़ता है, तो मधुमेह और पाचन रोग पैदा होते हैं।

 

ऐसे में त्रिफला, गुड़मार, जामुन बीज, नीम,करेला जामुन का रस जैसे प्राकृतिक द्रव्य संतुलन बनाए रखने में सहायक माने गए हैं।

 

पैंक्रियाज रोज़ लगभग 1.5 लीटर पाचन रस बनाता है।

अगर मानसिक तनाव ज्यादा रहा तो भी इसके हार्मोन स्राव प्रभावित हो सकतें हैं।

डायबिटीज कई बार इसकी “साइलेंट डैमेज” का परिणाम होता है।

 

पैंक्रियाज भले ही छोटा अंग है…

लेकिन जीवन की ऊर्जा, पाचन और शुगर का असली कंट्रोल रूम यही है।

 

आज से ही खानपान सुधारें, तनाव घटाएं और अपने पैंक्रियाज का ध्यान रखें

क्योंकि

#स्वस्थ_पैंक्रियाज_स्वस्थ_भविष्य

 

Health is wealth

 

मीना अग्रवाल

आगरा

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